Monday, June 1, 2026
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अजय की आख़िरी मोहब्बत – दर्द, धोखा और एक राज़

हमारी वेबसाईट premkand.com पर आप जैसे की पाठकों का हमें समय समय पर प्रेम भर संदेश प्राप्त होता रहता है । साथ ही पाठक अपनी कहानियाँ भी हमारे साथ साझा करते हैं । ऐसे ही एक कहानी सोम जी के दोस्त की है, जो उन्होंने हमें बताई है। तो शुरू करते हैं — इस कहानी के चार किरदार हैं:

  1. सोम – जिसके अज़ीज़ दोस्त अजय की ये कहानी है, जिसे सोम अपने भाई जैसा ही नहीं, बल्कि अपना भाई ही मानता था।
  2. अजय – सोम का दोस्त, जो लता से खुद से ज़्यादा प्यार करता था, जब वो 6th में था तब से।
  3. लता – अजय की GF
  4. हर्ष – लता का प्रेज़ेंट BF। अजय से ब्रेकअप के बाद लता ने हर्ष को चुना था, अजय को नीचा दिखाने के लिए।

मोहब्बत की शुरुवात

ये कहानी शुरू यहाँ से होती है जब सोम, लता, अजय साथ में पढ़ते थे। अभी वो छठवीं में थे। अजय तब से लता से प्यार करता था, और लता की हरकतें देख के यही लगता था कि वो भी अजय से प्यार करती थी। ये एकतरफा मोहब्बत का सिलसिला आगे बढ़ता रहा।

अब तीनों ने जवानी के पड़ाव में कदम रखा। तीनों बारहवीं में आ गए थे।

आज स्कूल के बोर्ड एग्ज़ाम का आख़िरी पेपर था, जो कि जियोग्राफ़ी विषय का था। अजय ने आज पेपर खत्म होने के बाद लता को प्रपोज़ करने का प्लान बनाया । अजय को डर था कहीं वो मना ना कर दे। बहुत हिम्मत जुटाने के बाद अजय ने अपने दिल की बात लता से कही।

लता के चेहरे पर आई मुस्कान बात रही थी की वो भी इस लम्हे के आने के इंतजार कर रही थी थी । उसने शर्माते हुए अजय को हाँ कह दिया। इस तरह दोनों की प्रेम कहानी शुरू हुई ।

लेकिन यह प्रेमकहानी इतनी आसान नही होने वाली थी । मोहब्बत का यह सिलसिला इस मोड़ से चालू होकर उस मोड़ पर खत्म होता है, जिसके बारे में आप सोच भी नहीं सकते…

(शायद ये अजय की ज़िंदगी की सबसे बड़ी और आख़िरी भूल थी। मैं, आन्या, ऐसा क्यों कह रही हूँ — आपको आगे पता चल जाएगा…)

अजय और लता प्यार के खूबसूरत रिश्ते में बंध गए थे। दोनों एक-दूसरे के साथ बहुत खुश थे। आँखों में आने वाले कल में हमेशा साथ रहने के सपने के साथ दोनों कॉलेज की ज़िंदगी में प्रवेश करते हैं।

अजय और लता के रिश्ते को अब 2 साल हो चुके थे। अजय ने लता के बारे में अपने घर में बता दिया था, घर वाले भी खुश थे। और लता ने अजय के बारे में सिर्फ अपनी छोटी बहन को बताया था, जबकि अजय के पूरे परिवार को उन दोनों के रिश्ते के बारे में पता था।

रिश्ते में पहली दरार

पर नसीब और अजय के हाथों की लकीरों में कुछ और ही लिखा था… क्योंकि न जाने सब सही होने के बावजूद कुछ गलत हो रहा था। मैं बात कर रही हूँ लता की। लता अब बदलने लगी थी। अब वो अजय से बातें कम करने लगी थी, अजय से दूरी बनाने लगी थी। अजय लता की इस हरकत की वजह से काफ़ी परेशान था। उसने अपने खास दोस्त सोम को सब कुछ बताया।

अब दोनों दोस्त लता के बदले स्वभाव के पीछे की वजह जानने में जुट गए। दोनों ने लता की बेस्ट फ्रेंड से इस बारे में पूछा, और उन्हें पता चला कि लता किसी 35 साल के लड़के के पीछे पड़ी थी। सीधा कहें तो अट्रैक्ट हो रही थी। उस लड़के से बातचीत भी होती थी। लड़का जिम वाला था। शायद ये वजह हो सकती है कि वो अजय को इग्नोर कर रही थी।

अजय ने सारी बातें साफ़ करनी चाहिए — उसने लता से सीधा इस बारे में पूछा। लता ने अपनी गलती मानी और माफ़ी भी मांगी। अजय लता से बहुत प्यार करता था, वो किसी क़ीमत पर लता को छोड़ना नहीं चाहता था। उसने उसे माफ़ किया। ऐसा नहीं कि लता इसके बाद सुधर गई…

बल्कि लता ने यही गलती दो बार और कर दी।

पर कहते हैं ना — जिसको साथ रहना होता है, वो किसी हालात में साथ नहीं छोड़ता। ठीक अजय ने ऐसा किया। अजय की मोहब्बत के आगे लता की गलती कम ही थी, क्योंकि अजय ने फिर लता को माफ़ कर दिया। जो कि मुझे लगता है, अजय को ऐसा नहीं करना था। पर अजय करता भी तो क्या — आखिर लता से खुद से ज़्यादा प्यार जो करता था।

कुछ दिन सही से गुजरने के बाद अब लता अजय के दोस्त के पीछे पड़ने लगी — हाँ, मैं अजय के खास दोस्त सोम की बात कर रही हूँ। अब लता को सोम में दिलचस्पी बढ़ने लगी। जबकि सोम लता को अपनी बहन मानता था।

लेकिन उसके बावजूद लता ने सोम को प्रपोज़ कर दिया।
पर सोम ने लता को साफ़-साफ़ मना कर दिया। उसने कहा कि वो अपने दोस्त को धोखा नहीं दे सकता…

पर जब ये बात अजय को पता चली, तो वो खुद को संभाल नहीं पाया। उसे लगा कि उसका दोस्त उसे धोखा दे रहा है।

अजय ने सोम से सीधा पूछा — “तुमने मेरे साथ ऐसा क्यों किया?”
तब सोम ने जवाब दिया — “भाई, मैंने कुछ गलत नहीं किया। तुम्हें मैं अपना दोस्त नहीं, भाई मानता हूँ… ना मैं तुम्हारे साथ कुछ गलत करूंगा, ना किसी को करने दूंगा।”
ऐसा कहते हुए सोम ने अपना फ़ोन अजय को दे दिया, जिसमें उसके और लता के बीच हुई सारी बातें थीं।

पढ़िए अजय की आख़िरी मोहब्बत के बाद अन्य कहानियाँ भी पढ़ें –

1- इश्क की जंग

2- खुद्दारी, मोहब्बत और मौत

3- रंजीत की दुनिया

ये सदमा अजय बर्दाश्त नहीं कर सका।
वो वहीं सड़क पर गिर गया। सोम ने उसे दोस्तों की मदद लेते हुए हॉस्पिटल लेके गया, जहाँ अजय फूट-फूट कर रो रहा था। उसकी आँखों से निकलने वाले एक-एक आँसू लता को हर बार माफ़ करके मौका देने पर पछता रहे थे। उसकी साँसे उसकी कर्ज़दार बन रही थीं। ये मगरमच्छ के आँसू नहीं थे, बल्कि अजय के जज़्बात के खून थे — जो कि लता ने किया था…

अब डॉक्टर ने अजय को एक महीने का बेड रेस्ट दे दिया था। अजय वापस अपने रूम पर आ गया था। वो लड़का इतना टूट चुका था कि उसने दवाई को होठों से ना लगाकर पंखे को चूमने की कोशिश की। हाँ… अजय ने पंखे में रस्सी बांध के खुद को उसमें लटकाने की कोशिश की। पर वो लड़का रुक गया — उसकी हिम्मत ना हुई अपने माँ-बाप को छोड़ने की…

तब सोम ने उसे पूरे हक़ के साथ थप्पड़ जड़ दिया और प्यार से समझाया कि वो माँ-बाप के लिए संभाले। ये ज़िंदगी उसकी है, जिसपे उससे ज़्यादा उसके माँ-बाप का हक़ है…

उसके बाद लता ने एक बार भी अजय का हाल-चाल नहीं पूछा था… फिर कुछ दिनों बाद लता अचानक अजय से माफ़ी माँगती है। उसे लगता है कि हर बार की तरह इस बार भी अजय उसे माफ़ कर देगा। पर ऐसा नहीं हुआ। अजय ने उसे माफ़ी देने से मना कर दिया। अब इस बार उसने खुद को बहुत मजबूत बना लिया था। उसने मूव ऑन तो नहीं किया था, पर खुद को समझा लिया था कि लता अपनी हरकतों से कभी बाज़ नहीं आएगी। वो कभी उसके प्यार को नहीं समझ सकती।

अब अजय ने थोड़ी हिम्मत दिखाई। वो खुद को संभालने में लग गया। पर लता ने उससे ये आख़िरी कोशिश भी नहीं करने दी… ऐसा क्या किया लता ने — आगे पढ़ते हैं…

कॉलेज और हर्ष

लता और अजय एक ही कॉलेज में थे…
लता LLB कर रही थी — वो रेगुलर वाली थी, जबकि अजय बीच-बीच में जाता था। पर अब एग्ज़ाम नज़दीक थे, जिसके वजह से अजय को भी रोज-रोज जाना पड़ा…

पर लता को तो अजय को नीचा दिखाने का मौका मिल गया। वो अजय के सामने अपने नए BF हर्ष का हाथ पकड़ती, उसके साथ घूमती, बार-बार वो हर्ष को लेकर अजय के सामने भी आ जाती… वो बिना वजह अजय को भला-बुरा सुनती…

उसकी इन्हीं हरकतों की वजह से अजय ने कॉलेज बदलने की सोची, पर एग्ज़ाम को ज़्यादा दिन नहीं थे। वो जल्द से जल्द एग्ज़ाम खत्म होने के बाद दूसरे कॉलेज जाने की तैयारी में था…

लेकिन उसके दिल में आग लग चुकी थी, जो एक बार में ही लता को जलाने के लिए तैयार बैठी थी…

अजय को आज भड़ास निकालने का मौका मिल ही गया — लता का BF हर्ष खुद चल के अजय के पास आया…

हर्ष ने कहा – “तेरे और लता के बीच में क्या है, जो वो हमेशा तुम्हें जलाती और नीचा दिखाती रहती है?”

अजय ने कहा – “भाई, जो कुछ भी था, पास्ट था। अभी हमारे बीच में कुछ नहीं है। मेरे साइड से सब साफ है…”

इतने में लता आ गई…

उसने हर्ष और अजय को कम्पेयर करना शुरू कर दिया — अजय को नीचा दिखाने के लिए। पर आज अजय हमेशा की तरह चुप नहीं रह पाया। लता ने सारी हदें पार कर दी थीं। अजय ने लता को सुना दिया…

इतने में हर्ष ने अजय का कॉलर पकड़ लिया। अजय ने कहा — “कॉलर छोड़ने को…”
पर हर्ष ने अजय पर हाथ उठा दिया। अब अजय कहाँ चुप बैठता — दोनों तैयार नहीं थे पीछे हटने के लिए। दोनों में मारपीट उग्र होने लगी, जिसे देखकर लता भाग गई…

अजय और हर्ष की लड़ाई इतनी बढ़ गई कि मामला पुलिस में चला गया… केस हुआ…

अब अजय ये सब झेलने के हालात में बिल्कुल नहीं था। वो अपने बुजुर्ग बाप को पुलिस स्टेशन के चक्कर काटते नहीं देख पाया… खुद को माँ के आँसू के पीछे नहीं देख पाया… वो लड़का इन सब चक्करों में अपने प्यार लता को बदनाम होते नहीं देख पाया…

उसने अपने दोस्त सोम को इतना कहा – “भाई, अगर कुछ हो जाए तो तुम संभाल लेना। लता को मेरी वजह से बदनाम मत होने देना…”

ऐसा कहते हुए कुछ दिन ही हुआ था कि…

अजय 6 या 7वें मंज़िल से कूद गया।
उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने बताया – सिर में चोट लगने की वजह से सर में पानी भर गया है।

पर उसकी साँसे अभी भी चल रही थीं…

वो लड़का उम्मीद हारने के बाद भी,
प्यार खोने, प्यार के हाथों ज़लील होने के बाद भी,
माँ-बाप के सपने टूटते देखने के बाद भी,
अपने प्यार को किसी और का होते देखने के बाद भी,
जज़्बात, अरमान के मरने के बाद भी,
शरीर की कई हड्डियाँ टूटने के बाद भी,
ज़िंदगी की हर जंग हारने के बाद भी,
वो लड़का चंद साँसों के लिए मौत से लड़ रहा था…

दर्द से तड़प रहा था… उसकी ज़िंदगी की जंग चालू ही थी…

पर 6 दिन बाद उस लड़के ने ज़िंदगी की आख़िरी जंग भी छोड़ दी…
उसकी मौत हो गई… उसके बर्दाश्त की सारी हदें पार हो चुकी थीं…

लेकिन उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट कुछ और ही कह रही थी…
पोस्टमार्टम के अनुसार अजय की बॉडी में चोट के निशान थे…

आख़िर अजय के साथ हुआ क्या?
क्या वो खुद से कूदा?
या किसी ने उसे धक्का दिया?

कई अधूरे सपने… कई धोखे…
कई दर्द… कई चोटों के साथ,
ये राज़ उसी के साथ चला गया…


अब लता सोम के पास रोने लगती है।

सोम ने लता से कहा –
“अब रोने से वो नहीं आएगा।
उसने मुझे कहा था कि लता का नाम बदनाम मत होने देना।
कुछ हो तो तुम संभाल लेना…
सोच कितनी हद तक उसने तुझसे प्यार किया था —
इतना सब होने के बाद भी तेरी परवाह थी उसे…”

लता ने कहा –
“मैं बस उसे जलाना चाहती थी…
मैंने ऐसा कभी सोचा नहीं था…”
और फूट-फूट कर रोने लगती है।

उसके पास कोई शब्द नहीं था, जो उसे बेगुनाह बना सके।
कोई सफ़ाई नहीं थी कि उसके हाथ अजय की मौत के पीछे नहीं थे…

सोम ने बस इतना कहा –
“तुम खुश रहो — जो मेरा अजय चाहता था…
और हो सके तो दोबारा किसी लड़के के साथ ऐसा न करना…”


कुछ महीने बीते…
फिर सोम को पता चला कि…

लता नहीं रही।
सुनने में आया कि उसे कोई बीमारी थी…
किसी ने कहा कि उसने ज़हर पी लिया था…

इस तरह अजय और लता की मौत गुत्थी बन गई — जो आज तक नहीं सुलझी…
ना ही किसी ने सुलझाई…

भगवान दोनों की आत्मा को शांति दे। 🙏

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HII.. I AM AANYA. जहां देखो, वहां एक कहानी छुपी है – चाहे वो रोज़मर्रा की छोटी-छोटी बातें हों या फिर कल्पना के उड़ते पंख। मैं शब्दों के जाल बुनती हूं, हर भावना को कागज पर उतारती हूं, और हर अनकही कहानी को आवाज़ देती हूं।
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